तीर्थंकरो के जन्मकल्याणक पर हुआ कवि सम्मेलन, सर्द मौसम में देर रात गुदगुदाते रहे लोग
सुसनेर। कर गई आज सुनी गली बेटियां, छोड़ बाबुल के घर को चली बेटियां…गुरुवार की सर्द रात के बीच कोटा राजस्थान के युवा कवि डॉ आदित्य जैन की इन पंक्तियों को सुनकर नम आँखों के बीच तालियों की गड़गड़ाहट से त्रिमूर्ति मन्दिर का पूरा परिसर गूंज उठा। गुरुवार को तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु जी व पार्श्वनाथ जी के जन्मकल्याणक महोत्सव पर नगर त्रिमूर्ति जैन मंदिर में रतन वाटिका परिवार द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया काव्य पाठ के कार्यक्रम में कवि डॉ आदित्य जैन उपस्थित श्रोताओं को गुदगुदाने के साथ-साथ दिगम्बर जैन सन्तो की नग्नता पर प्रश्न चिन्ह लगाने वालों को भी अपनी कविताओं के माध्यम से करारा जवाब दिया। हास्य कवि गिरिराज अमेठा मोड़क के द्वारा छोटी पत्नी के फायदे बताने वाले गीत के माध्यम से हँसा हँसा कर लोटपोट कर दिया।

वीर रस के कवि परमानंद धादिच झालावाड़ ने भारत के सैनिको की शौर्यगाथा का गान कर श्रोताओं में उत्साह व जोश का संचार किया। न्यूज 18 कार्यक्रम लपेटे में नेता जी के कवि गौरव चौहान इटावा ने मुनि तरुण सागर जी पर टिप्पणी करने वाले विशाल ददलानी व तीर्थराज सम्मेद शिखर जी बचाओ आंदोलन पर अपने शब्दों के बाण छोड़े तो परिसर में कई देर तक तालिया गूँजती रही। चौहान ने बेटियो को लव जिहाद के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि अगर फैशन हुआ हावी तो लज्जा हाथ मे रखो, सदा मजबूत खुद को हर हालत में रखो, ओर बनी हो आधुनिक तो फिर तुम्हारी जिम्मेदारी है, दुपट्टा छोड़ रखा है तो कट्टा साथ में रखो…ताकि सनातन की कोई बेटी श्रद्धा की तरह 35 टुकड़ो में न आए। रतलाम की युवा कवियत्री प्रिया ठाकुर की संचालक कवि आदित्य जैन से काव्य की नोक झोंक से श्रोताओ ने खूब आंनद लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पिड़ावा के समाजजनों ने भगवान पार्श्वनाथ जी का चित्र अनावरण व दीप प्रज्वलन कर की। मंगलाचरण दीपक जैन व कुलदीप चौधरी ने किया।कार्यक्रम में अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष चिंतामन राठौर, जिला मंत्री गिरजाशंकर राठौर, सोयत मण्डल अध्यक्ष मोहनसिंह गुंदलावदा भी मौजूद रहे। आयोजक रतन वाटिका परिवार व जैन युवा संगठन के सदस्यों द्वारा अतिथियों व कवियो का तिलक व दुप्पटे से स्वागत किया गया। संचालन आशीष जैन त्यागी ने किया व आभार मुकेश जैन साँवला ने माना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगर सहित राजस्थान व मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आये समाजजनो मौजूद रहे।
