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April 4, 2025 10:43 am

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सुसनेर: शहर की आधी आबादी में नहीं हो सका विघुत केबलीकरण, छतो और गेलरियों में लटक रहा खतरा

वर्ष 2018 में 2 करोड से 40 लाख की लगात से शुरू किया गया था विघुत केबलीकरण का कार्य, 6 सालो बाद भी नहीं हुआ अधुरा

राकेश बिकुन्दीया, सुसनेर। नगरीय क्षेत्र में विघुत चौरी रोकने तथा झूलते बिजली के तारों से होने वाली घटनाओं पर रोक लगाने के उदे्श्य से मध्यप्रदेश पश्चिमी क्षेत्र विघुत वितरण कम्पनी के द्वारा वर्ष 2018 में 2 करोड 40 लाख की लागत से विघुत तारों की जगह केबल डाले जाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है नतीजा शहर की आधी आबादी में आज भी पुराने तारो से ही बिजली सप्लाई की जा रही है। इन पुराने और क्षतिग्रस्त तारो के कारण शार्ट सक्रिट जैसी घटनाएं भी होती रहती है। हाथी दरवाजा के अंदर शुक्रवारीया बाजार की स्थिति तो यह है की पुराने व टेडे हो चुके बिजली के तारो पर विघुत सप्लाई हो रही है। ताराे की ऊंचाई काफी नहीं तक है तो कही-कही पर मकानो की छतो ओर गेलरियो में खतरा लटक रहा है।

कभी भी हादसे का कारण बन सकती है गेलरियो से गुजर ही विघुत लाइन

बिजली सप्लाई के लिए विघुत वितरण कम्पनी के कर्मचारीयों ने कई जगहाे पर छतो के उपर से तो कही पर गैलरी में व कही पर खिडकीयों के बाहर व छतों के उपर ही विघुत लाइन निकाल दी है। जिसका खामीयाजा इन क्षेत्रो में रहने वाले लोगो को भूगतना पड रहा है। प्रशासन और विघुत विभाग की खामोशी भी इनसे होने वाले हादसो को बढावा दे रही है। नगरीय क्षेत्र में एलटी लाइनो से लेकर पावर लाइन अतिक्रमण की भेट चढी हुई है। शहर के कई स्थानो पर ऐसी स्थिति बनी हुई है। जहां बिजली के पोल, सप्लाई लाइने कही पर भवनो के बीच घिरी हुई है तो कही पर घरो की छतो व गैलरी से विघुत के लाइने गुजर रही है। इनसे कई बार हादसे भी हो चुके है, उसके बाद भी जिम्मैदार है की इनसे कोई सबक लेन को तैयार नही है।

शुक्रवारीया बाजार में स्थिति भयावह

शुक्रवारीया बाजार में स्थित स्टेट बैंक चौराहे पर तो स्थिति यह है की एक ही खम्बे पर तारो एवं सर्विस लाइनो का जाल बिछा हुआ है। इस चोराहे से हाथी दरवाजे की और चलेंगे तो पता चलेगा की विघुत लाइन मकानो की छतो और गैलरियो के पास से निकल रही है। कही-कही पर रहवासियो ने हादसो से बचने के लिए अपने स्तर पर लकडी के पटिये लगा रखे है तो कही पर प्लास्टिक की नली बिजली के तारो में डाल रखी है। हाथी दरवाजे के समीप एक टेडे व पुराने विघुत पोल भी तारो का जाल बिछा हुआ है इस पर तारो का इतना लोड पड रहा है की यह पोल ही एक तरफ झुकता जा रहा है।

नगरीय क्षेत्र में केबलीकरण का कार्य किया जा रहा था वह 6 सालो से बंद है। यह मामला आपके माध्यम से मेरे से संज्ञान में आया है। में मामले को दिखवाता हू यदि कार्य अधुरा पडा हुआ है तो फिर से जल्द ही शुरू करवाया जाएगा।

                                    सिद्धार्थ बम्बोरी

                  कार्यपालन यंत्री, विघुत वितरण कम्पनी सुसनेर

malwakhabar
Author: malwakhabar

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