आखिर कैसे गायब हो गया पीडीएस का 274 क्विंटल चावल, मामले की जांच कर रहा प्रशासन
मध्य प्रदेश श्रमजीव पत्रकार संघ की शिकायत पर प्रशासन ने बनाया जांच दल, दल ने बनाया पंचनामा
राकेश बिकुन्दीया, सुसनेर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारीयों में बांटे जाने वाला 274 पीडीएस राशन दुकानो का चावल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के गोदाम से गायब हो गया। इसकी शिकायत जब मध्य प्रदेश श्रमजीव पत्रकार संघ के द्वारा स्थानीय प्रशासन से की गई तो मामला सामने आया। इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए सुसनेर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सर्वेश यादव ने जांच दल का गठन कर जांच प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए। उसके बाद सोमवार की शाम को स्थानीय कृषि उपज मंडी परिसर में संचालित मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कारपोरेशन के गोदाम प्रशासन के जांच ने निरीक्षण कर जांच की और चावल तथा गेंहू के सेम्पल लिए है।

जांच दल में शामिल कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुरेश गुर्जर व नायब तहसीलदार रामेश्वर दांगी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की है। जहां राशन का भौतिक सत्यापन किया गया व रिकॉर्ड की जांच की गई तो रिकॉर्ड में ही 274 क्विंटल चावल शॉर्ट होना बताया गया है। आशंका है कि अधिकारीयो ने मिली भगत करके यह चावल बाजार में बेचा दिया है। प्रशासन की जांच टीम पूरे मामले का खुलासा करने में जुटी है तो वही नागरिक आपूर्ति निगम और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की जिम्मेदार मामले को दबाने में जुटे हुए हैं।

जिम्मेदारो की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है। क्योंकि नियमानुसार हर तीन माह में इस सरकारी वेयरहाउस की जांच की जाना थी और अगर जांच की गई है तो यह अनियमितता पहले क्यों नहीं पाई गई इतनी बड़ी मात्रा में गरीबों का राशन कम होना और अधिकारियों की जानकारी में यह मामला नहीं आना कई तरह के सवालों को।जन्म दे रहा है। कुछ दिनो पूर्व भी निरीक्षण में यह मामला सामने नहीं आया था। और जब मामला खुल गया तो जिम्मेदार अब यह कह रहे है की चावल बीते दो वर्षो में शॉर्ट हो गया है। जब उनसे पुछा गया की किस माह में और किस वर्ष में कितना शॉर्ट हुआ है वे जवाब ही नही दे पाए। चावल के शॉर्ट होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है।

करीब 7 लाख रुपये की कीमत का राशन बाजार में बेचने की आशंका
इस पूरी गड़बड़ी में जिस राशन को शॉर्ट अधिकारीयो द्वारा गोदाम में होना बताया जा रहा हैं उस राशन को अधिकारियों ने मिली भगत से बाजार में भेज दिया है इस बात की आशंका है। करीब 274 क्वींटल चावल का बाजार मुल्य 7 लाख रूपये के लगभग हो सकता है। इस राशन को बाजार में कुछ दलालो के माध्यम से बेचे जाने की आशंका है।
इनका कहना-
मुझे मध्य प्रदेश श्रमजीव पत्रकार संघ के द्वारा लिखित शिकायत की गई थी उसके बाद मेरे द्वारा तत्काल जांच दल का गठन करके सरकारी वेयरहाउस का निरीक्षण करवा करके जांच करवाई जा रही है। जांच प्रतिवेदन आने के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सर्वेश यादव
एसडीएम, सुसनेर।
रिकॉर्ड में 274 क्विंटल चावल की शॉर्टेज दर्ज है। सम्बधितो से राशि की वसुली की जाएगी।
एम के चौधरी
प्रभारी डीएम नागरिक आपूर्ति निगम,आगर।
