मालीपुरा में नगर परिषद के सार्वजनिक शौचालय तोडे जाने की घटना को 7 दिन बीते, अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
राकेश बिकुन्दीया, सुसनेर। मालीपुरा में सरकारी जमीन पर बने सावर्जनिक शौचालय को तोडे जाने के मामले को अब अधिकारी व जनप्रतिनिधि ही दबाने में जुट गए है। सूत्रों के अनुसार कुछ जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने भूमाफिया से मोटी रकम लेकर के इस शौचालय को रातोरात तुड़वाया है। मामले में प्रशासन भी अभी तक कोई कार्रवाई नही कर पाया है। आपको बता दे कि सालों पूर्व नगर परिषद ने वार्ड क्रमांक 9 के मालीपुरा में रहवासियों की सुविधा के लिये सावर्जनिक शौचालय का निर्माण किया था। एक और जहाँ इस शौचालय कांड की चर्चा पूरे नगर में फेल रही है तो वही दबे चुपके कुछ जनप्रतिनिधियों व भूमाफियाओ के नाम भी सामने आ रहे है।
सप्ताह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नही
23 फरवरी की रात में कतिपय भूमाफियाओ ने मालीपुरा में बने इस शौचालय को तौडने की घटना को अंजाम दिया था। उसके अगले ही दिन 24 फरवरी का यह मामला जिम्मैदार प्रशासनिक अधिकारीयो के संज्ञान में आ गया था। लेकिन इस घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक कार्रवाई प्रशासन नहीं कर पाया है। जो अपने आप में बडा सवाल है।
इनकी कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
शौचालय कांड में नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि शौचालय जब तोड़ा गया उसके अगले ही दिन यह मामला सीएमओ के संज्ञान में आ गया था लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए थाना प्रभारी केसर राजपूत को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया जबकि उन्हें यह पता करना था कि यह शौचालय किस व्यक्ति के द्वारा तोड़ा गया है और उसकी नामजद शिकायत थाना प्रभारी को करना थी ताकि पुलिस को कार्रवाई करने में सफलता हासिल हो सके।
मालीपुरा के शौचालय तोडे जाने की घटना को लेकर नगर परिषद का आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई करने हेतु हमने नगर परिषद के जिम्मैदारो को थाने पर बुलाया था लेकिन कोई भी नहीं आया। दिए गए आवेदन में भी परिषद के द्वारा आधी अधूरी जानकारी दी गई है। इसलिए इस मामले में सफलता हासिल करने में देरी हो रही है।
केसर राजपूत
थाना प्रभारी, सुसनेर।
मालीपुरा के शौचालय तोड़े जाने के मामले में मेरे द्वारा थाना प्रभारी को पत्र भेजा गया है कार्रवाई के लिये उन्होंने मुझसे कोई संर्पक नही किया है।
ओपी नागर
सीएमओ, नगर परिषद सुसनेर।

