मालीपुरा के अलावा अन्य जगहों पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय भी हो रहे है असामाजिक तत्वो का शिकार
राकेश बिकुन्दिया, सुसनेर। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के तहत देश भर में सार्वजनिक शौचालयो का निर्माण कर लोगो को इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आपको बता दे की शौच मुक्त होने के मामले में पूरे मध्यप्रदेश में हमारा आगर मालवा जिले ने चारो नगर परिषद और ग्राम पंचायतो के सहयोग से श्रेष्ठतम स्थान प्राप्त किया था। लेकिन आज स्थिति यह है की नगर परिषद सुसनेर के द्वारा जिन सार्वजिनक शौचालयो को वर्षो पूर्व लाखो रूपयो की लागत से बनवाया गया था उन्है तुडवाने के लिए चंद पैसो के लालच में परिषद के ही जिम्मैदार जनप्रतनिधि लगे हुएं है जिन्है उनके ही वार्ड की जनता ने चुनकर के परिषद में पार्षद बनाकर के भैजा है। इन सब के बीच हमने नगर में अन्य जगहो पर बने सार्वजनिक शौचालयो की स्थिति भी जानी तो पता चला की वे भी अपना अस्तित्व खाने की कगार पर है। देखरेख के अभाव में और गंदगी के कारण कुछ जगहो पर तो रहवासी इनका उपयोग भी नहीं कर पा रहे है। मालीपुरा के अलावा अन्य जगहो पर बने सार्वजनिक शौचालय असामाजिक तत्वो का शिकार बनते जा रहे है।

कंठाल नदी किनारे बने सार्वजनिक शौचालय पर कर भी भुूमाफियाओ का कब्जा
महुडी दरवाजा क्षेत्र में मुरली मनोहर मंदिर के समीप कंठाल नदी एवं सार्वजनिक शौचालय पर कुछ कतिपय लोगो के द्वारा कब्जा कर लिया गया है। अतिक्रमणकारियो ने उक्त जमीन पर कब्जा करके तरफेन्सिंग करके कब्जा भी कर लिया है। इसको लेकर कुछ माह पूर्व रहवासियो के द्वारा सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव से शिकायत भी की गई थी। जिसमे बताया गया था की नदी से पूर्व दिशा में शासकीय भूमि पड़ी हुई है जिसके समीप बने शौचालयो पर भी भूमाफियाओ ने कब्जा कर लिया है।
अस्तित्व खोने की कगार पर शौचालय
विभिन्न वार्डो में वर्षो पूर्व नगरवासियो की सुविधा के लिए नगर परिषद के द्वारा बनाए गए सार्वजनिक शौचालय इन दिनो असामाजिक तत्वो का शिकार बनते जा रहे है। हालात यह है की न तो नगर सरकार इनकी सुध लेने को तैयार है और न ही रहवासी। जिम्मैदारों के द्वारा न तो इनकी साफ-सफाई करवाई जा रही है और न ही इनकी देख-रेख। ऐसे में यह सार्वजनिक शौचालय धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोने की कगार पर आ गए है।
शौचालय कांड में कई तथ्य हो सकते है उजागर
मालीपुरा में भी कुछ इस तरह अस्तित्व खोते सार्वजनिक शौचालय को कुछ कतिपय भुमाफियाओ के द्वारा बीते दिनो तोड दिया गया है। वर्तमान में यह मामला नगर परिषद सीएमओ ओपी नागर और सम्बंधित परिषद के जिम्मैदार जनप्रतिनिधियों के गले की हड्डी बना हुआ है। अस्तित्व खोते ये सार्वजनिक शौचालय स्वच्छ भारत अभियान को भी ठेंगा दिखा रहे है। इस मामले में धीरे-धीरे करके चौकाने वाले तत्थ भी सामने आ रहे हे। जिनका खुलासा जल्द ही किया जाएगा।
यहां बने शौचालयो के हालात है खराब
इतवारिया बाजार में जमातखाने के समीप बने सार्वजनिक शौचालय का उपयोग इन दिनो रहवासी नहीं कर पा रहे है। मालीपुरा का शौचालय कांड सुर्खियो में है इसलिए परिषद ने यहा लगे गंदगी के ढेर को हटा लिया है। इसके अलावा पांच पुलिया से जामा मस्जिद की और जाने वाले मार्ग पर भी सार्वजनिक शौचालय बने हुएं है जिनका भी देखरेख के अभाव में रहवासी उपयोग नहीं कर पा रहे है। केवल अड्डा गली में स्थिति शौचालय ही ऐसा है जिसका उपयोग रहवासी कभी-कभी करते है।
नगर के विभिन्न वार्डो में बने सार्वजनिक शौचालयो को व्यस्थित करवाकर के उनका साफ-सफाई करवाई जाएगी।
ओपी नागर
सीएमओ, नगर परिषद, सुसनेर।

