राकेश बिकुन्दिया, सुसनेर। अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम आपको सुसनेर की एक ऐसी महिला से अवगत कराने जा रहे है जिन्होने 10 सालों से मानवता की सेवा को अंगीकार कर मानव हित और परोपकारी मानसिकता के चलते देहदान करने का संकल्प ले रखा है। मरणो उपरान्त भी अपना शरीर दूसरे के काम इस पवित्र भाव के साथ सिविल अस्पताल सुसनेर की सेवानिवृत्त महिला स्वास्थ्य कर्मचारी 73 वर्षीय श्रीमति आशा देवी शर्मा ने वर्ष 2015 में देहदान का संकल्प ले लिया था। उन्होने जीते- जी अपनी देह उज्जैन के आर डी गार्डी मेडीकल काॅलेज को दान कर दी।

श्रीमति आशा देवी शर्मा ने अपने परिजनो की सहमति से यह साहसी निर्णय ले रखा है। साल 2015 से ही उन्होने इसके लिए बकायदा सारी कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी कर रखी है। मेडीकल काॅलेज ने महीला कर्मचारी के इस कार्य के लिए उनको अभिनंदन पत्र भेट कर सम्मानित किया है। और देह दान के कार्य को अनुकरणीय, साहसिक उदाहरण अन्य व्यक्तियो के लिए प्रेरणास्पद बनाने में सहभागी बने ऐसी भावना प्रकट की है। उनके इस निणर्य से सभी नगरवासी अभिभूत है। उनकी इस सकारात्मक सोच का सभी ने स्वागत किया है। साथ ही अन्य लोगों को भी अंगदान एवं देहदान के लिए प्रेरित किया है।

पुरा सेवाकाल ही अस्पताल में गुजारा
श्रीमति आशा देवी शर्मा ने बताया की अस्पताल में मरीजो की सेवा करते-करते विचार मन में आया की जीवन में तो सेवा कार्य किया है लेकिन मृत्यु के बाद मेरा शरीर मानव सेवा के लिए कुछ काम आ सके इसी उद्देश्य को लेकर पति और बच्चो की सहमति से स्वेच्छिक शरीर दान किया है। साथ ही मेडीकल काॅलेज के बच्चो को मानव जीवन और मानव स्वास्थ पर अध्ययन करने को मिल सके। स्वेच्छिक शरीर दान का यही उदे्श्य है। उन्होने अपने परिजनो की सहमति से अक्टूबर 2015 में अपनी देह स्वेच्छानुसार आर डी गार्डी मेडीकल काॅलेज को दान की है।
