राकेश बिकुन्दीया, सुसनेर। रविवार की शाम को 5 बजे नगर के श्री राम मंदिर धर्मशाला प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खण्ड सुसनेर के द्वारा शारिरिक प्रधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में अनुशासन के साथ नजर आए। इस दोरान स्वयंसेवको ने न्यूद्ध, गण समता, सामुहिक समता, योग आसान, गीत व घोष का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में संघ के स्वयंसेवको ने नगरवासियों को अनुशासन व एकता का पाठ पढ़ाया।

मुख्य वक्ता आरएसएस के जिला सह कार्यवाह गोपाल बैरागी ने स्वयंसेवको का मार्गदर्शन किया उन्होंने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण की फैक्ट्री है, यहा राष्ट्र भक्तों का निर्माण होता है। कार्यक्रम में खण्ड कार्यवाह कमल देवपुर मंचासीन रहे।

बैरागी ने कहा कि यह संघ का शताब्दी वर्ष है, इसके निमित्त कार्य विस्तार और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य संघ इस प्रकार के कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि 1925 में नागपुर के मोहिते के बाड़े में परम पूज्य डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार जी ने संघ की स्थापना की थी। अनेक प्रकार की कठिनाइयों को झेलते हुए आज हम शताब्दी वर्ष मना रहे है। उन्होंने राष्ट्र भक्ति के कई उदाहरण भी अपने सारगर्भित उद्बोधन में दिए।

पंच परिवर्तन पर दिया जोर
उन्होंने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तन पर भी जोर दिया। जिसमें पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी व नागरिक कर्तव्य व सामाजिक समरसता शामिल है। उन्होंने स्वयंसेवको को 5 स्व का अनुसरण कराते हुए कहा कि हम बोलने में मालवीय भाषा का उपयोग करे, हिंदी में हस्ताक्षर करे इसके अलावा कुटुम्ब प्रबोधन के अंतर्गत ग्रह सभा करना, पुरे परिवार के साथ भोजन करना, परिवार के साथ वर्ष में एक बार धार्मिक यात्रा करना, सामाजिक समरसता को लेकर महापुरुषों के उदाहरण देते हुए कार्य करने की अपील की।

